क्या वर्ल्ड चैंपियनशिप में दिखेगा साइना का दम?

  • 6 अगस्त 2013
साइना नेहलवाल
साइना ने पिछले साल लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने इस साल अभी तक कोई खिताब नहीं जीता है. ऐसे में चीन के ग्वांगझू शहर में चल रही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में उन पर खास तौर से नजरें टिकी हैं.

लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साइना नेहवाल इस साल अपने से नीची रैंकिंग वाली कई खिलाडियों से पराजित हुई है. इसलिए उनकी फिटनेस पर भी सवाल उठते रहे है.

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कई बैडमिंटन जानकारों का कहना है कि अधूरी फिटनेस के साथ मैदान में उरतने से उन्हें ज़्यादा नुकसान हुआ है.

सोमवार से शुरू हुई विश्व चैंपियनशिप में उन्हें मेज़बान चीनी खिलाडियों से तो चुनौती मिलेगी ही साथ ही थाइलैंड, जापान और चीनी ताइपे के खिलाडी भी किसी से कम साबित नही होंगे.

इस विश्व चैंपियनशिप में मेज़बान चीन की ज़ूईरूईली को महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई है, जबकि चीन की ही यिहान वांग को दूसरी वरीयता दी गई है. भारत की साइना नेहवाल को तीसरी वरीयता दी गई है.

पहले दौर में साइना नेहवाल को बाई मिली है इसलिए दूसरे दौर में वह मंगलवार को बैडमिंटन कोर्ट पर उतरेंगी.

फिटनेस से पैदा हुए सवाल

साइना नेहवाल के अलावा महिला एकल वर्ग में भारत की चुनौती पीवी सिंधू पर रहेगी. 10वीं वरीयता के साथ खेल रही सिंधू से भले ही पदक की उम्मीद ना हो लेकिन वह उल्टफेर करने की क्षमता रखती है.

ज्वाला गुट्टा इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रही हैं

महिला युगल वर्ग में अश्विनी पोन्नप्पा और प्रदन्या गडरे तथा अपर्णा बालन और एन सिकीरेड्डी की जोड़ी बैडमिंटन कोर्ट में उतरी लेकिन ये जोड़ियां पहले ही दौर में हार कर बाहर हो गईं.

वैसे अश्विनी पोन्नप्पा और ज्वाला गुट्टा ने साल 2011 में महिला युगल में पहली बार भारत को कांस्य पदक दिलाया था, लेकिन फिलहाल ज्वाला गुट्टाइस चैंपियनशिप में भाग नही ले रही है. वैसे भी इनकी जोड़ी पिछले दिनों टूट चुकी है.

लंदन ओलंपिक में क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पी कश्यप पुरूष एकल वर्ग में भारत की उम्मीदों का केंद्र होंगे. उनके खेल में भी पिछले दिनों काफी उतार-चढाव देखने को मिला.

इस चैंपियनशिप में उन्हें 13वीं वरीयता दी गई है और पहले दौर में उनका सामना मज़बूत खिलाडी से नहीं है. उनके अलावा अजय जरराम भी पुरूष एकल वर्ग में उतरे जहां उन्होंने पहले दौर की बाधा पार कर ली है.

2010 के राष्ट्रमंडल खेलो में चमकने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाडियों ने 2011 और 2012 में कुछ बडे उल्टफेर किए और साइना नेहवाल और पी कश्यप नें भविष्य की उम्मीदे भी पैदा की लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता की कमी और फिटनेस की समस्या ने इन्हे लेकर कई सवाल खडे कर दिए जिनके जवाब अब ख़ुद इनका प्रदर्शन ही विश्व चैंपियनशिप में देगा.

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