आईपीएल में विवादों के छक्के-चौके

  • 17 मई 2013
आईपीएल
ताजा विवाद से क्रिकेट प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं.

चाहे वह हरभजन सिंह से जुड़ा थप्पड़ कांड हो या आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को निलंबित किए जाने का मुद्दा, ट्वेन्टी-20 क्रिकेट की इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) अपनी शुरुआत के समय से ही विवादों के साये में रही है.

पैसों के लिहाज से संपन्न माने जाने वाला आईपीएल साल 2008 से ही ऐसे कारणों से सुर्खियों में रहा जिनका क्रिकेट के खेल से दूर-दूर का कोई रिश्ता न था.

पेश है आईपीएल के पहले संस्करण से छठे संस्करण तक उठे विवादों का विस्तार से ब्यौरा.

आईपीएल-1 (2008)

मुंबई इंडियन्स की टीम के लिए अस्थाई तौर पर कप्तानी कर रहे ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह मोहाली में एक मैच हारने के बाद कुछ इस कदर नाराज हो गए कि ख़बरों के अनुसार उन्होंने किंग्स-11 पंजाब के एस श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया.

लोगों ने टीवी पर श्रीसंत को सिसकियां लेते हुए देखा और जांच के बाद बीसीसीआई ने हरभजन पर 11 मैचों में खेलने से रोक लगा दी.

फिलहाल चल रहे छठे संस्करण में श्रीसंत ने इस मुद्दे को दोबारा उठाया है.

आईपीएल-2 (2009)

आम चुनाव की वजह से आईपीएल का दूसरा संस्करण भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया. इतना ही नहीं विदेशी मुद्रा के लेन-देन से जुड़े नियमों को तोड़ने के आरोप भी दूसरे आईपीएल में लगाए गए. प्रवर्तन निदेशालय ने एक साल बाद आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी कर दिया.

किंग्स-11 के मालिकों में से एक मोहित बर्मन की दक्षिण अफ्रीका में सुरक्षा कर्मियों ने पिटाई कर दी. उन पर एक महिला दर्शक के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया गया था. वह महिला दक्षिण अफ्रीका के एक प्रभावशाली कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती थी.

क्रिकेट
खेल से ज्यादा खेल के पीछे के खेल के लिए सुर्खियों में रहा है आईपीएल.

एक से ज्यादा कप्तान रखने के शाहरुख खान और कोच जॉन बुकनन के फैसले ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम में दरार डाल दी. ‘फेक आईपीआई प्लेयर’ नाम से एक अनजाने से ब्लॉगर ने माहौल में गड़बड़ी फैला दी. बाद में उसने अपनी पहचान जाहिर करते हुए बताया कि उसके ब्लॉग की हर बात पूरी तरह से काल्पनिक थी.

आईपील-3 (2010)

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने ललित मोदी को पैसे के दुरुपयोग के आरोपों के मद्देनजर निलंबित कर दिया.

भारत सरकार के विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर को भी आईपीएल टीम ‘कोच्ची टस्कर’ की फ्रैंचाइजी विवाद में नाम आने पर पद से इस्तीफा देना पड़ा. इस सौदे में उनकी तत्कालीन महिला मित्र सुनंदा पुष्कर का नाम भी उछला था.

आईपीएल-4 (2011)

टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही आईपीएल गवर्निंग काउसिंल ने मनीष पांडेय पर चार मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया. उन पर आईपीएल फ्रैंचाइजी टीमों के साथ गुपचुप तरीके से किए गए सौदों में शामिल होने का आरोप था.

चौथे संस्करण के पूरा हो जाने के बाद कोच्ची टस्कर की टीम को आईपीएल से बाहर कर दिया गया क्योंकि वे फ्रैंचाइजी शुल्क नहीं चुका पाए थे. उनकी टीम में मालिकों की हिस्सेदारी के तौर तरीकों को लेकर भी खामियां पाई गई थीं.

आईपीएल-5 (2012)

नीलामी के तयशुदा कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे वारियर्स की टीम ने आईपीएल से अपने कदम वापस खींच लेने की धमकी दे डाली क्योंकि बीसीसीआई ने एक अतिरिक्त विदेशी खिलाड़ी रखने की पुणे वारियर्स की मांग को तवज्जो नहीं दी थी. आईपीएल में पहले से खेल रही टीमों को चार खिलाड़ियों को नीलामी में भाग लेने से रोकने के अधिकार पर पुणे वारियर्स ने एतराज जताया था और खुली नीलामी की मांग की थी. बीसीसीआई ने इस मांग को भी खारिज कर दिया था.

बीसीसीआई फ्रैंचाइजी
फ्रैंचाइजी से लेकर खिलाड़ियों तक नीलामी विवादों के साये से अछूती नहीं रह पाई.

आईपीएल के दौरान ही रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर की तरफ से खेल रहे क्रिकेटर ल्यूक पोमर्शबाख को पुलिस ने एक आप्रवासी भारतीय महिला जोहाल हमीद के साथ बदसलूकी करने और उनके ब्वॉय फ्रेंड की पिटाई करने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया. हालांकि बाद में इस मामले को अदालत के बाहर सुलझा लिया गया था.

डेक्कन चार्जर की तरफ से मध्यम गति के तेज गेंदबाज टीपी सुधीन्द्र पर एक स्टिंग ऑपरेशन में मैचों की स्पॉट फिक्सिंग के लिए पकड़े जाने के बाद आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया. यूपी के खिलाड़ी शलभ श्रीवास्तव पर मैच फिक्सिंग के आरोपों में पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया. इसी सिलसिले में मोहनीश मिश्र, अमित यादव और अभिनव बाली पर भी एक साल का प्रतिबंध लगाया गया.

पुणे वारियर के खिलाड़ी राहुल शर्मा और वायने पार्नेल मुंबई में आयोजित एक रेव पार्टी में शामिल होने के दौरान पकड़े गए. डेक्कन चार्जेर्स को भी बीसीसीआई को फ्रैंचाइजी फी न भर पाने के लिए आईपीएल से बाहर कर दिया गया.

आईपीएल-6 (2013)

दिल्ली पुलिस की विशेष पुलिस शाखा ने तेज गति के गेंदबाज एस श्रीसंत, घरेलू खिलाड़ी अजीत चांडिला और अकिंत चव्हाण को क्रिकेट मैचों की स्पॉट फिक्सिंग में कथित तौर पर शामिल होने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया. इन पर आईपीएल के मौजूदा सत्र में राजस्थान रॉयल्स के तीन मैचों की स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगाया गया है. इन तीनों को पुलिस हिरासत में दिल्ली लाया गया है.

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