कैंसर के कारणों की खोज में अहम कामयाबी

  • 18 अगस्त 2013
Image caption अल्ट्रा वायलेट रेडियेशन और धूम्रपान डीएनए में बदलाव पैदा करते हैं जो कैंसर का रिस्क बढ़ाता है

वैज्ञानिकों का कहना है कि कैंसर पर चल रहे शोध में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो इस बीमारी के कारणों का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.

वैज्ञानिकों ने ट्यूमर के ज़्यादातर मामलों में होने वाली 21 आनुवांशिक तब्दीलियों का पता लगाया है.

पढ़िएः पारिवारिक संबंधों से जुड़ा है कैंसर का जोखिम

अनुवांशिक कोड में अचानक हुआ बदलाव आम तौर पर होने वाले 30 प्रकार के कैंसर के लगभग 97 फ़ीसदी मामलों में ज़िम्मेदार कारक होता है.

इन तब्दीलियों की वजह पता लगा लिए जाने से कैंसर के नए इलाज ढूंढे जा सकेंगे. सिगरेट पीना इन कारणों में से एक है लेकिन ऐसे अन्य तमाम कारण हो सकते हैं जिनका पता नहीं है.

कैंसर रिसर्च यूके का कहना है कि ये एक महत्वपूर्ण अध्ययन है.

कैंसर का जन्म

कैंसर जिनोम के अध्ययन के इस बड़े प्रयास में शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम कैंसर को जन्म देने वाले बदलावों को समझने की कोशिश कर रही थी.

Image caption कैंसर के बहुत सारे रूप हैं लेकिन उनके कारणों का पता अब भी नहीं है

अल्ट्रा वायलेट रेडियेशन और धूम्रपान डीएनए में बदलाव पैदा करते हैं जो कैंसर का जोखिम बढ़ाता है.

ब्रिटेन के 'वेलकम ट्रस्ट सैंगर इंस्टीट्यूट' की अगुआई में हो रहे इस शोध के बारे में संस्थान के निदेशक सर माइक स्ट्रैटन कहते हैं, ‘‘मैं बहुत उत्साहित हूं. कैंसर जिनोम के भीतर ही वो निशान, वो चिन्ह छिपे हैं जो हमें बता सकते हैं कि किस वजह से कैंसर हुआ है. कैंसर संबंधी शोध के लिए ये बहुत ही अहम उपलब्धि है. ये हमें उन क्षेत्रों तक ले जा रहा है जिनके अस्तित्व के बारे में हमें पहले से पता नहीं था. मुझे लगता है ये एक बड़ा मील का पत्थर है.’’

अनसुलझे सवाल

जब भी शरीर में वायरस का हमला होता है तो कोशिकाएं एन्ज़ाइम को सक्रिय कर देती हैं जो वायरस से तब तक निपटते हैं जब तक वो निष्क्रिय ना हो जाएं.

प्रोफ़ेसर स्ट्रैटन का कहना है, ‘‘हमें लगता है कि जब शरीर के अंदर ये हो रहा होता है तब नुक़सान दोनों तरफ़ होता है. कोशिकाएं ख़ुद अपने में भी तब्दीली लाती हैं और इस प्रक्रिया में वो इतनी बदल जाती हैं कि एक कैंसर कोशिका बनने की पूरी आशंका होती है. ये एक दोधारी तलवार की तरह है.’’

Image caption इस शोध से कैंसर के इलाज की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलने की आशा है

इस जानकारी से शोध की दिशा में आगे बढ़ने की संभावनाएं पैदा हुई हैं.

कैंसर रिसर्च यूके में मुख्य वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर निक जोन्स का कहना है, "हमें पता है कि धूम्रपान और अल्ट्रा वायलट किरणें डीएनए में ख़राबी पैदा कर सकती हैं जो कैंसर की वजह बन सकता है. लेकिन कैंसर के बहुत सारे रूप हैं जिनके बारे में ये नहीं पता है कि ये किस वजह से होते हैं.

‘‘इस अध्ययन में अनुवांशिक ढांचे को जिस तरह समझा गया है वह कैंसर के विकास की प्रक्रिया को समझने में अहम है. कैंसर के कारणों को समझने से ही उनके निदान की दिशा में आगे बढ़ना मुमकिन हो पाएगा.’’

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