अजीब सेक्स लाइफ़ जानवरों की

  • 24 फरवरी 2013
मस्ती के मूड में दरियाई घोड़े

जो लोग सोचते हैं कि इंसान ही सेक्स को लेकर अजीब प्रयोग करता है वो सही नहीं है. जानवरों के सेक्स पर कई ऐसी जानकारियों हैं जिन्हें जानकर आपको लगेगा कि इस मामले में वो इंसानों से कहीं पीछे नहीं हैं.

इंसानों की सेक्स संबंधित फंतासियों के रंग जानवरों की दुनिया में भी देखें जा सकते हैं.

ब्लैकटिप रीफ़ नर शार्क सेक्स

सेक्स में जबरदस्ती इंसान ही नहीं कर सकते. ब्लैकटिप रीफ़ नर शार्क सेक्स के लिए मादा को मनाने की कोशिश ही नहीं करते. वो तो उस पर हमला कर एक तरह से जबरन सेक्स कर लेते हैं. स्टैनफोर्ड के जीव विज्ञानी डगलस जे मैक्कौले बताते हैं कि सेक्स के लिए ये शार्क अपने ख़तरनाक दांतों को ही हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं.

कई मेल शार्क मादा का पीछा करते हैं. दल का मुखिया उसकी पूंछ पर काट लेता है.

काटे जाने से मादा शार्क की रफ़्तार कम हो जाती है तो वही नर शार्क उसके पर को सीने के पास से पकड़ कर उसे रेतीली सतह पर खींच ले जाता है. जहां वह उसके साथ संभोग करता है.

लाल बगल वाले गार्टर सांप

अगर आप सोचते हैं कि कम से कम ग्रुप सेक्स तो ज़रूर इंसानों ने ही ईजाद किया होगा. तो फिर आप लाल बगल वाले गार्टर सांप के बारे में नहीं जानते होंगे.

हर बसंत में ये सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं और मिलन स्थल की तरफ़ चल पड़ते हैं. जब कोई मादा सांप आती है तो वो एक गंध छोड़ती है जिससे सैकड़ों नर उसकी तरफ़ खिंचे चले आते हैं.

कुछ नर सांप भी महिलाओं जैसी गंध छोड़ते हैं, ताकि दूसरे नरों को धोखा दिया जा सके.

मॉरनिंग कटलफ़िश

मॉरनिंग कटलफ़िश धोखा देने के काम में एक कदम आगे बढ़ जाती है. इसकी ख़ासियत ये है कि वो अपनी त्वचा पर बहुत कमाल का नियंत्रण रखती है.

जब कोई नर मछली किसी मादा को आकर्षित करने का प्रयास करती है तो वो अपनी त्वचा के रंजकों के नियंत्रण से उसे आमंत्रित करती है.

अगर कोई दूसरी नर मछली पहुंच जाती है तो ये नर मछली प्रतिद्वंद्वी नर को अपनी त्वचा मादा जैसी दिखाती है. वहीं मादा को अब भी आमंत्रित करने वाली त्वचा ही दिखती है.

उधर प्रतिद्वंद्वी नर ये मानकर कि दो मादा साथ तैर रही हैं आगे बढ़ जाता है और ये जोड़ा अपने ‘काम’ में जुट जाता है.

जिराफ़

जो ये सोचते हैं कि यूरोलैंगिया या गोल्डन शावर इंसानी दिमाग की उपज है वो ग़लत हैं. जिराफ़ों के सेक्स का मूत्र से सीधा संबंध है. सिर्फ़ साथी को मूत्र करते देखने, सूंघने, छूने से ज़्यादा. नर जिराफ़ मादा जिराफ़ के मूत्र को चख कर ये तय करता है कि वो उससे साथ संभोग करने लायक है या नहीं.

दरअसल मिलन के लिए नर जिराफ़ मादाओं के कई झुंडों के पास जाता है. वो मादा जिराफ़ के पुट्ठों को छूता है तो मादा जिराफ़ मूत्र की धार छोड़ती है. नर जिराफ़ इसे चख कर देखता है और उसके आधार पर अपनी राय बनाता है.

कई बार नर जिराफ़ चुनने से पहले कई मादाओं को ‘चख’ कर देखता है.

ऐसा नहीं कि हमेशा नर ही पहल करे. अगर कोई मादा जिराफ़ नर में रुचि रखती है तो वो नर के छूने का इंतज़ार नहीं करती.

अपनी तरफ़ से पहल करते हुए नर के पास से गुज़रते ही वो मूत्र करना शुरू कर देती है.

जिराफ़ मूत्र से साथी का चुनाव करते हैं तो दरियाई घोड़ा सेक्स के लिए माहौल बनाने में गोबर का इस्तेमाल करते हैं.

दरियाई घोड़े

नर दरियाई घोड़े अपनी सीमा रेखा खींचने के लिए गोबर का छिड़काव करते हैं तो दरियाई घोड़ी सेक्स के लिए अपनी सहमति जताने के लिए.

जब इलाके का कोई दरियाई घोड़ा मादा के पास जाता है तो वो घूमती है, अपना सिर नीचे और पिछवाड़ा ऊपर करती है और गोबर करते हुए पूंछ हिलाकर गोबर का छिड़काव करती है.

इसे उसकी सहमति का ऐलान माना जाता है.

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