प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विरोध?

बीबीसी इंडिया बोल विनीत खरे के साथ:

भारत प्रशासित कश्मीर में विश्व प्रसिद्ध संगीतकार ज़ुबिन मेहता के होने वाले कार्यक्रम का विरोध हो रहा है. पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विरोध कश्मीर में पहली बार नहीं हो रहा है.

वहाँ साहित्य समारोह हारूड को नहीं होने दिया, लड़कियों के एक बैंड पर भी फतवा जारी किया गया.

पर जर्मनी दूतावास और भारत सरकार की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम ने एक राजनीतिक रंग ले लिया है.

पृथकतावादी नेताओं का कहना है कि इस तरह के आयोजन से भारतीय सरकार दुनिया को कश्मीर के असली हालात की गलत तस्वीर पेश करना चाहती है.

तो सवाल ये, कि क्या ये विरोध जायज़ है. क्या राजनैतिक अस्थिरता के दौर से गुज़र रहे किसी भी जगह में सांस्कृतिक गतिविधियों की जगह नहीं है?