'भूखे भूतों' को भोजन!

30 अगस्त 2013 अतिम अपडेट 15:18 IST पर

चीन में भटकती आत्माओं को खुश करने की कोशिश में तीन लाख रुपए की कागज से बनी नाव और कई अन्य चीजें जला दी जाती हैं, लेकिन यह विषय लोक मान्यताओं से जुड़ा है.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
चीन में यह मान्यता है कि उसके चंद्र पंचांग के सातवें महीने में मर गए लोगों की आत्माएँ धरती पर लौट आती हैं.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
हॉन्ग कॉन्ग के एक वर्कशॉप में एक कारीगर एक बाँस और कागज से ऐसी नाँव बना रहे हैं जो न केवल बेहद मँहगी है बल्कि उसे जल्द ही जला भी दिया जाएगा.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
दरअसल इस वर्कशॉप में 'हंगरी घोस्ट फेस्टिवल' या भूतों से जुड़े एक उत्सव की तैयारियाँ चल रही हैं.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
इस साल चीनी चंद्र पंचांग का सातवाँ महीना सात अगस्त से चार सितम्बर तक चलेगा. इस कारीगर की बनाई 16 मीटर लंबी नाव अकेली नहीं है. वहाँ के बौद्ध मठ ऐसी कई चीजें बनवा रहे हैं.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
इस मौके पर दुनिया भर में मौजूद चीनी लोग भटकती आत्माओं को खुश करने के लिए अपनी तरफ से हर कोशिश करते हैं.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
इस उत्सव में कागज से बनी कई चीजें इतनी मात्रा में जलाई जाती हैं कि मान्यता के अनुसार वे चीजें अगले साल तक भूतों के काम आ सकेंगी. कागज से बनी चीजों में कपड़े, सोना, चाँदी की छड़ें, घर, नावें शामिल होती हैं.
चीन में भूखे भूतों को भोजन कराने का उत्सव
कागज से कारीगरी करके कोई अपनी जीविका चला सकता है और अच्छे पैसे भी बना सकता है. कागज से बनी एक नाव की कीमत 4500 डॉलर या तीन लाख रुपए के करीब बैठती है और एक कुशल कारीगर को इसे बनाने में 10 दिन लग जाते हैं.