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फ़िल्मों की गुणवत्ता कितनी ?

बीबीसी इंडिया बोल में बहस इस बात पर कि किसी भी फिल्म के रिलीज़ होने से पहले ही आजकल अकसर इस बात पर बहस शुरु हो जाती है कि क्या ये फ़िल्म 100 करोड़ कमा पाएगी या नहीं

चाहे वो चेन्नई एक्सप्रेस हो, दबंग हो, भाग मिल्खा भाग हो या और कोई फिल्म.

ऐसे में कई लोग सवाल उठाने लगे हैं कि क्या फ़िल्म की गुणवत्ता के बजाए उसका व्यवसाय उस पर हावी होने लगा है.

तो सवाल है कि क्या सौ करोड़ का क्लब क्या अच्छी फिल्मों को खा रहा है.

कार्यक्रम में हिस्सा लिया फिल्म समीक्षक कोमल नाहटा और नम्रता जोशी ने