अफ्रीका में बसा 'एक भारत'

14 अगस्त 2013 अतिम अपडेट 11:58 IST पर

अफ्रीकी देश मोज़ांबिक की राजधानी मपूटो के बीच में है भारत समाज वेद मंदिरय यहां बच्चों को भारतीय संस्कृति और उसके महत्व के बारे में शिक्षा दी जाती है.
भारत समाज वेद मंदिर
अफ्रीकी देश मोज़ांबिक की राजधानी मपूटो के मध्य में है भारत समाज वेद मंदिर, जो शहर में हिंदुओं का एकमात्र सांस्कृतिक केंद्र है. एक आंकड़े के मुताबिक मोज़ांबिक में भारतीय या भारतीय मूल के लोगों की तादाद लगभग तीन हज़ार के आस-पास है. (सभी तस्वीरें और रिपोर्ट: बीबीसी संवाददाता विनीत खरे)
भारत समाज वेद मंदिर
यहाँ बच्चों को भारतीय संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है. मूल रूप से मुंबई की रहने वाली शीतल भट्ट यहाँ बच्चों को श्लोक सिखाती हैं ताकि बच्चे भारतीय संस्कृति से जुड़े रहें.
भारत समाज वेद मंदिर
यहाँ एक पुस्तकालय भी है. हालांकि यहाँ रखी गई गुजराती पत्रिकाएँ और किताबें बहुत पुरानी है. हरिभाई पटेल यहाँ के लाइब्रेरियन हैं. इसके सदस्यों के मुताबिक ज़्यादातर अमीर लोगों के मोज़ांबिक छोड़ देने के कारण उनके पास इतने संसाधन नहीं है कि वो पुस्तकालय को ठीक ढंग से चला सकें.
भारत समाज वेद मंदिर
केंद्र के एक वरिष्ठ सदस्य दिनेश मांचू ने बताया कि किस तरह वर्ष 1964 में जब दमन और दीव का शासन पुर्तगाल के हाथ से निकलकर भारत के हाथ में आ गया तो पुर्तगाल सरकार नाराज़ हुई और उसने भारतीय नागरिकों को मोज़ांबिक छोड़ देने को कहा. उस वक्त मोज़ांबिक पर पुर्तगाल का शासन था.
भारत समाज वेद मंदिर
मांचू के मुताबिक भारतीयों को कैंपों में रखा गया और बाद में भारत भेज दिया गया. लेकिन वापस गए भारतीयों के पीछे छूट गए कई बच्चों ने बहुत मुश्किल से मोज़ांबिक में दोबारा ज़िंदगी आगे बढ़ाई.
भारत समाज वेद मंदिर
चाहे दीवाली हो या होली, इस मंदिर में सभी हिंदू त्योहार बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं. यहाँ सभी के लिए खाना बनता है और सब मिल-जुलकर भोजन करते हैं.
भारत समाज वेद मंदिर
यहाँ एक कैंटीन भी है जिसमें भारतीय मिठाइयाँ, स्नैक्स और पकवान मिलते हैं. दिनेश मांचू के अनुसार ये कैंटीन इस सांस्कृतिक केंद्र के लिए आमदनी जुटाने का भी महत्वपूर्ण ज़रिया है.