'पादरी के कहने पर एचआईवी पीड़ितों ने छोड़ी दवा'

  • 17 अगस्त 2013
पेंटेकोस्टल चर्च

ब्रिटेन में डॉक्टरों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि पेंटेकोस्टल चर्च के पादरियों के मना करने के बाद कई युवा एचआईवी पीड़ितों ने दवा लेनी बंद कर दी.

डॉक्टरों के मुताबिक चर्च के पादरियों ने इन युवाओं से कहा कि उन्हें दवा की बजाय भगवान की दया पर भरोसा करना चाहिए.

हालाँकि एक पादरी ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने लोगों को कभी भी दवा लेने से मना किया था.

ब्रिटेन के चिकित्सा विभाग के कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि ब्रिटेन के कुछ पादरी चर्च के युवा अनुयायियों पर एचआईवी के इलाज की दवा छोड़ने के लिए दबाव डाल रहे हैं.

चिल्ड्रेन्स एचआईवी एसोसिएशन ने इंग्लैंड में नवजातों और बच्चों के बीच काम करने वाले 19 डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के बीच सर्वेक्षण किया था.

इस संस्था को सर्वेक्षण के दौरान लोगों से ज़बानी तौर पर पता चला कि पादरियों के मना करने के बाद कुछ एचआईवी पीड़ितों ने दवा लेनी बंद कर दी.

10 डॉक्टरों ने कहा कि यह समस्या पिछले पाँच साल से है और उनके 29 मरीज़ों ने उन्हें बताया है कि उन पर दवा छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है. 11 मरीजों ने कहा कि उन्होंने दवा लेना बंद भी कर दिया है.

कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि कुछ पीड़ितों से उनके पादरी ने कहा था कि वो प्रार्थना और पवित्र जल से स्वस्थ हो जाएंगे.

‘चमत्कारी इलाज’

सोलह साल के ओलिवर (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उन्हें पादरी ने पानी से भरी एक प्लास्टिक की बोतल दी और कहा कि एचआईवी की दवा बंद करके इस पानी का सेवन करना चाहिए. इससे मैं स्वस्थ हो जाऊँगा. ओलिवर ने बताया कि कुछ और लोगों पर भी ऐसा ही दबाव है.

ओलिवर ने कहा, “मैं दूसरे चर्च में भी गया हूँ...वहाँ उपस्थित पादरी लोगों से कहते हैं कि ‘आइए ये जल लीजिए...यदि आप कुछ निश्चित दिनों तक इसका सेवन करेंगे तो स्वस्थ हो जाएंगे’.”

ओलिवर की माँ को कुछ ऐसे अनुभव हुए जिन्हें चमत्कारी इलाज ही कहा सकता है. इसके बाद ओलीवर ने दवा लेने बंद कर दी और उसकी स्थिति लगातार ख़राब होती गई.

ओलिवर ने फिर से अपनी दवा लेनी शुरू कर दी है. उन्हें यकीन है कि स्वस्थ होने के लिए दुआ और दवा दोनों की ज़रूरत होती है.

मृत्यु का रास्ता

कंसल्टेंट शिशु-चिकित्सक डॉक्टर टोनी टैन कहते हैं कि पेंटेकोस्टल चर्च के पादरी बीमार लोगों के जीवन को ख़तरे में डाल रहे हैं.

डॉक्टर टैन के अनुसार, “मेरे ख़्याल से धार्मिक नेताओं का अपने अनुयायियों को दवा मना करने के लिए कहना बहुत ग़लत है...यह रास्ता उन लोगों को मौत की तरफ ले जाएगा.”

पूर्वी लंदन के क्रिश्चियन चर्च के पेंटेकोस्टल चर्च में पादरी स्टीवो एटानासियो ने कहा कि हमारी धर्मसभा में नेत्रविहीन लोगों को दृष्टि मिली है, बहरे लोगों को सुनने की क्षमता मिली है और कई दूसरी लाइलाज बीमारियां ठीक हुई हैं.

स्टीवो कहते हैं, “लेकिन हम लोगों के दवा लेने या डॉक्टर के यहाँ जाने से मना नहीं करते.”

पेंटेकोस्टल चर्च को प्रार्थना और चमत्कार की शक्ति में काफी यकीन है.

ब्रिटेन में पेंटेकोस्टल चर्चों की संख्या बढ़ती जा रही है, लंदन में 2005 से अब तक पेंटेकोस्टल चर्चों की संख्या दोगुनी हो चुकी है.

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