मिस्र: मोर्सी समर्थक मस्जिद से बाहर निकाले गए

  • 17 अगस्त 2013
मिस्र में हिंसा

मिस्र की सरकारी मीडिया के अनुसार सेना ने क़ाहिरा की उस मस्जिद को ख़ाली करा लिया है जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थक डटे हुए थे.

सुरक्षा बलों के मुताबिक़ तमाम प्रदर्शनकारियों को मस्जिद से हटा दिया गया है और कई को गिरफ़्तार भी किया गया है.

एक बयान में सरकार ने कहा कि क़रीब ढाई सौ ब्रदरहुड समर्थकों के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या के प्रयास और चरमपंथी हमले करने जैसे संगीन अपराधों की जाँच की जा रही है.

शनिवार को क़ाहिरा की अल-फ़तह मस्जिद में डटे प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच गोलीबारी भी हुई. प्रदर्शनकारी यहाँ शुक्रवार से ही डटे हुए थे.

प्रतिबंध

इसी बीच मिस्र के अंतरिम प्रधानमंत्री ने मुस्लिम ब्रदरहुड को क़ानूनन भंग करने का प्रस्ताव रखा है.

Image caption मोर्सी समर्थकों ने क़ाहिरा की मस्जिद के अंदर से गोलीबारी भी की

मुस्लिम ब्रदरहुड अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को फिर से सत्ता पर क़ाबिज़ करवाने के लिए तीन जुलाई के बाद से ही प्रदर्शन कर रहा है.

ग़ौरतलब है कि तीन जुलाई को ही सेना ने जनतांत्रिक तरीक़े से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को सत्ता से बेदख़ल कर दिया था.

मोर्सी सरकार के सहयोगी होने के बावजूद मुस्लिम ब्रदरहुड एक प्रतिबंधित संस्था रही है. मिस्र की सैन्य सरकार ने 1954 में मुस्लिम ब्रदरहुड को अधिकारिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया था. ब्रदरहुड ने हाल ही में ख़ुद को एक ग़ैर सरकारी संस्था के तौर पर पंजीकृत करवाया था. यदि ब्रदरहुड को फिर से प्रतिबंधित कर दिया जाता है तो इसकी तमाम संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया जाएगा.

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि मुस्लिम ब्रदरहुड की सत्ता में वापसी 'असंभव' है.

Image caption ताज़ा हिंसा में भी कई मोर्सी समर्थक घायल हुए हैं.

टेलीविज़न पर दिखाई जा रही तस्वीरों में मस्जिद की मुख्य मीनार पर मौजूद एक शख़्स को सुरक्षा बलों पर गोली चलाते हुए दिखाया जा रहा है.

क़ाहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मस्जिद से बाहर आ रहे कुछ लोगों की आसपास मौजूद भीड़ ने पिटाई भी की.

बुधवार को मिस्र की सेना ने रबा-अल-अदविया मस्जिद के पास प्रदर्शन कर रहे मोर्सी समर्थकों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया था. बुधवार को हुई हिंसा में छह सौ से अधिक लोग मारे गए थे.

हिंसा

इस बीच मिस्र सरकार ने कहा है कि शुक्रवार को मुल्क भर में हुई हिंसा में 170 लोगों की मौत हुई जबकि 1200 लोग घायल हुए हैं.

ब्रदरहुड के हज़ारों समर्थकों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

गिरफ़्तार किए जाने वालों में अल-क़ायदा नेता अयमन अल ज़वाहिरी के भाई भी शामिल हैं.

मिस्र में इस दौर की हिंसा बुधवार को शुरू हुई जब सुरक्षा बलों ने बख़्तरबंद गाड़ियों को मोर्सी समर्थकों की भीड़ वाले इलाक़ों में घुसा डाला. उसके बाद गोलीबारी हुई जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई.

हालांकि मोर्सी समर्थकों का कहना था कि घटना में हज़ारों लोगों की मौत हुई लेकिन सरकार ने कहा कि उसमें 638 लोगों की मौत हुई थी.

मारे जाने वालों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.

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