मर्लिन मुनरो की वो मूर्ति..... और लंदन का नीला मुर्गा

  • 7 अगस्त 2013

लंदन के ट्रेफ़ेलगर स्क्वैयर में पिछले दिनों एक नई मूर्ति का अनावरण किया गया. ये मूर्ति है नीले रंग के विशालकाय मुर्गे की जो चौराहे के फोर्थ प्लिंथ या चौथे खंभे पर रखी गई है. ये जर्मन कलाकार कैथरीना फ्रिच ने बनाई है और इसका नाम है हान कॉक. ये पब्लिक आर्ट या सार्वजनिक स्थानों पर प्रर्दशित कला का एक नमूना है.

कैथरीना फ्रिच कहती हैं कि हास्य का भाव उनके काम में अहम है. ट्रेफेलगर स्क्वैयर के उत्तर-पश्चिम कोने में खाली चौथे खंभे में समय-समय पर विभिन्न कलाकारों के काम का प्रदर्शन होता है. इसी सीरीज़ में फ्रिच की मूर्ति भी अगले 18 महीने तक यहां प्रदर्शित होगी.

मध्य लंदन में स्थित ट्रेफ़ेलगर स्क्वैयर ब्रितानी नौसेना कमांडर नेल्सन होराशियो की साल 1805 में फ्रांस पर जीत के सम्मान में बनाया गया था. ये मूर्ति नेल्सन की है.

पब्लिक आर्ट का चलन सैकड़ों साल पुराना है. प्राचीन मिस्र के सबसे मशहूर फ़ैरो, रामसेस द ग्रेट, की चार विशालकाय मूर्तियां दक्षिणी मिस्र के अबु सिंबल के मंदिर के बाहर लगी हुई हैं जो राजा के दुश्मनों को ध्यान में रख कर तराशी गई थीं.

ऐसा ही एक और नमूना है इटली के फ़्लोरेंस शहर के पियात्ज़ा डेला सिग्नोरिया के बाहर मशहूर इतालवी वास्तुकार माइकल एंजेलो की संगमर्मर की डेविड नाम की मू्र्ति. ये मूर्ति फ्लोरेन्टाइन गणराज्य की आज़ादी का सार्वजनिक प्रतीक थी और ये राज्य और कला के बीच के सहभागी रिश्ते का एक उदाहरण है.

लेकिन पब्लिक आर्ट ने एक ख़ास मक़ाम 20वीं सदी में हासिल किया. आधुनिक कलाकार मशहूर हस्तियों की पारंपरिक कांस्य की मूर्तियों से आगे बढ़कर सार्वजनिक जगहों के लिए यादगार कलाकृतियां बनाने लगे. दूसरे विश्व युद्ध के बाद के दशकों में ब्रितानी कलाकार हेनरी मूर की ऐबस्ट्रैक्ट मूर्तिकला काफ़ी मशहूर हुई. मूर की कलाकृतियां आज दुनिया भर में सार्वजनिक स्थानों पर देखी जा सकती हैं.

आज पब्लिक आर्ट एक बड़े उद्योग में तब्दील हो गया है और सिर्फ़ इंग्लैंड में ही ये सालाना करोड़ों पाउंड का कारोबार है. लेकिन अक्सर इसे न तो कला समीक्षक पसंद करते हैं और न ही जनता. वैसे इंग्लैंड के गेट्सहेड में कलाकार एंटनी गोर्मली की मूर्ति एंजल ऑफ़ द नॉर्थ एक ऐसी कलाकृति है जिसपर समीक्षक और जनता दोनों की पसंद की मुहर लगी है.

लेकिन बहुत बार मूर्तियों को इसलिए हटाना पड़ा है क्योंकि आम जनता को वो पसंद नहीं आई और उसे जनता के पैसे की बर्बादी की तरह देखा गया. वहीं कई बार समीक्षकों को नापसंद होने के बावजूद कलाकृतियां कमीशन की जाती हैं क्योंकि वो आम जनता में लोकप्रिय है.

सेवर्ड जॉनसन की हॉलीवुड अभिनेत्री मार्लिन मुनरो की मूर्ति शिकागो में लगाई थी और ये जल्द ही पर्यटकों में मशहूर हो गई लेकिन ये दुनिया के सबसे ख़राब पब्लिक आर्ट नमूनों की सूची में शामिल की गई थी. वैसे मुनरो की 1955 की फ़िल्म द सेवन ईयर इच की इस विश्व प्रसिद्ध मुद्रा वाली इस मूर्ति की लोकप्रियता इस बात से ही ज़ाहिर होती है कि इसे अब कैलिफ़ोर्निया के पाम स्प्रिंग्स इलाके में लगाया गया है.

भारतीय मूल के ब्रितानी कलाकार अनीश कपूर की कलाकृति क्लाउड गेट या द बीन शिकागो के मिलेनियम पार्क में देखी जा सकती है. ये कला का एक उत्कृष्ट नमूना होने के साथ ही पर्यटकों में भी बहुत लोकप्रिय है और ये तस्वीरें खींचने के लिए भी बेहतरीन पृष्ठभूमि है.

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