पाक: तहरीक-ए-इंसाफ़ की वरिष्ठ नेता की हत्या

  • 19 मई 2013
हमले के बाद अस्पताल ले जाते वक्त ज़ाहरा की मौत हो गई

पाकिस्तान की वरिष्ठ महिला राजनीतिज्ञ ज़ाहरा शाहिद हुसैन की कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

ज़ाहरा शाहिद हुसैन पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर इमरान खान के नेतृत्व वाली तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष थीं उनकी हत्या घर के बाहर की गई. हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है.

ज़ाहरा की हत्या उस समय की गई है जब पिछले शनिवार को हुए आम चुनावके बाद रविवार को क्षेत्र में आंशिक पुनर्मतदान होना है.

यह घटना शनिवार को लगभग रात ग्यारह बजे के करीब हुई.

पीटीआई के प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि शाहिद हुसैन को उनके घर के सामने अज्ञात बंदूक धारियों ने मारा.

प्रवक्ता के अनुसार उनके सिर में गोली लगी. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार थे.

पाकिस्तान के डॉन समाचार पत्र ने पुलिस का हवाला देते हुए कहा है कि डकैती की कोशिश के दौरान हुई गोलीबारी की चपेट में ज़ाहरा शाहिद भी आ गईं. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकी है.

संदेह

ज़ाहरा शाहिद हुसैन इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष थीं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि खबरों के मुताबिक उन्हें दो बार सिर में गोली मारी गई. इससे ये संदेह पैदा होता है कि डकैती की आड़ में सोची समझी साजिश के तहत इस हत्या को अंजाम दिया गया.

बताया जा रहा है कि उन्हें बचाने के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

उनके शव को पहले नेशनल मेडिकल सेंटर लाया गया और बाद में पोस्टमार्टम के लिए उनके शव को जिन्ना अस्पताल ले जाया गया.

राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इस हत्या की निंदा की है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहा है.

कराची में बीबीसी संवाददाता शाजे़ब जिलानी का कहना है कि इमरान खान ने एमक्यूएम पार्टी प्रमुख अल्ताफ हुसैन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठराया है, लेकिन पार्टी ने इस आरोप का खंडन किया है.

शनिवार रात एक संवाददाता सम्मेलन में एमक्यूएम नेता डॉ. फारूक सत्तार ने इमरान खान के बयान को राजनीतिक रुप से अपरिपक्व बताते हुए खारिज कर दिया है और उनकी हत्या की न्यायिक जांच की मांग की है.

उन्होंने कहा कि घटना के बारे में पड़ताल किए जाने से पहले ही आरोप प्रत्यारोप से जांच प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने इस घटना के साथ इमरान खान के बयान की भी निंदा की.

इमरान खान की पार्टी ने कई जगहों पर हुए मतदान में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए थे, जिसके बाद आंशिक रुप से पुनर्मतदान के आदेश दिए गए थे.

ये इलाका एमक्यूएम पार्टी का गढ़ माना जाता है.

एमक्यूएम ने कराची में सबसे ज़्यादा सीटें जाती हैं. हांलाकि पार्टी ने धांधली के आरोपों से इनकार किया है.

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