सिंधुरक्षक: पांच शव मिले, पिछला दरवाज़ा खुला

  • 17 अगस्त 2013

भारतीय नौसेना ने कहा है कि उनके गोताखोर डूबी हुई पनडुब्बी सिंधुरक्षक से पांच नौसैनिकों के शव निकालने में सफल हो गए हैं और बाकी के जीवित होने की संभावना न के बराबर है.

हादसे के वक्त पनडुब्बी में 18 नौसैनिक थे. शुक्रवार देर रात एक और नौसैनिक का शव निकाला गया. अब तक कुल पांच नौसैनिकों के शव निकाले जा चुके हैं. इनकी स्थिति इतनी खराब है कि नौसैनिकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा.

नौसैनिकों के परिवारों को अभियान के बारे में हर जानकारी दी जा रही है.

नौसैनिक दल को पनडुब्बी के पिछले दरवाज़े को खोलने में सफ़लता हासिल हो गई है. बहुत ज़्यादा तापमान के कारण यह जाम हो गया था और पानी में डूबा हुआ था.

पनडुब्बी के अगले दरवाज़े को खोलने की कोशिशें भी जारी हैं. 14 अगस्त से ही नौसेना पनडुब्बी में पहुँचने की कोशिश कर रही थी लेकिन पनडुब्बी में खौलते हुए पानी के चलते वे अंदर दाख़िल नहीं हो पा रहे थे.

विपरीत परिस्थितियाँ

नौसेना के एक बयान के अनुसार पनडुब्बी के भीतरी हिस्से में जाना तो लगभग असंभव ही था क्योंकि दुर्घटना के बाद दरवाज़े जाम थे, सीढ़ियाँ ध्वस्त थीं, हर जगह तेल और कीचड़ फैला हुआ था. घुप्प अंधेरे में इन नौसैनिकों की तलाश करना बेहद मुश्किल था.

नौसैनिकों को खोजने में आ रही मुश्किलों के बारे में नौसेना का कहना है कि पनडुब्बी के अंदर स्थितियाँ इतनी खराब थीं कि एक समय में सिर्फ़ एक ही गोताखोर आगे बढ़ सकता था और रास्ता साफ़ कर सकता था.

36 घंटे तक विपरीत परिस्थितियों में काम करने के बाद आख़िरकार नौसेना के गोताखोर शुक्रवार 16 अगस्त तड़के पनडुब्बी के दूसरे हिस्से में दाख़िल होने में कामयाब हो पाए.

बयान में कहा गया है कि तीनों शव इतनी बुरी स्थिति में हैं कि उनकी पहचान करना फ़िलहाल मुश्किल है.

इन तीनों शवों को नौसेना के अस्पताल आईएनएचएस अश्विनी ले जाया गया है. शवों की पहचान करने के लिए डीएनए जाँच की जाएगी और इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है.

नौसेना का कहना है कि धमाके के चलते पनडुब्बी का नियंत्रण कक्ष का इलाका बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है. अत्यधिक गर्मी पैदा होने की वजह से धातु पिघल गई है. इस वजह से बाकी नौसैनिकों को भी खोजने में परेशानियाँ पेश आ रही हैं लेकिन नौसेना पनडुब्बी के हर कोने तक पहुँचने की कोशिश कर रही है.

सिंधुरक्षक बुधवार तड़के मुंबई गोदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी.

इससे पहले गुरुवार को नौसेना ने लापता अधिकारियों और सैनिकों के नामों की सूची जारी की थी.

अधिकारियों में लेफ़्टिनेंट कोमोडोर निखिलेश पाल, लेफ़्टिनेंट कोमोडोर आलोक कुमार और लेफ़्टिनेंट कोमोडोर आर वेंकटराज शामिल थे.

सैनिकों में संजीव कुमार, के सी उपाध्याय, टिमोथी सिन्हा, केवल सिंह, सुनील कुमार, दसारी प्रसाद, लीजू लारेंस, राजेश टूटिका, अमित के सिंह, अतुल शर्मा, विकास ई, नरोत्तम देउरी, मलय हलदर, विष्णु वी और सीताराम बडापल्ली शामिल हैं.

नौसैनिकों के परिवारों को नौसेना परिसर में ही रखा गया है और उन्हें अभियान के बारे में हर जानकारी दी जा रही है. इसके लिए विशेष रूप से नौसेना अधिकारियों, नौसैनिकों और नेवी वाइव्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन सदस्यों के दलों का गठन किया गया है.

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