डोपिंग के बढ़ते मामले ने भारत में चिंता बढ़ाई

  • 13 अगस्त 2013

इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ने कहा है कि डोपिंग से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है. इसके बाद भारतीय मीडिया ने इस मसले पर गंभीर चिंता जताई है.

दरअसल एथलेटिक्स की वैश्विक संस्था के मुताबिक मौजूदा समय में भारत के 43 एथलीट डोपिंग के चलते निलंबित किए गए हैं और यह रूस के बाद दूसरी सबसे बड़ी संख्या है.

डेली भास्कर वेबसाइट के मुताबिक इतने एथलीटों का डोपिंगमें निलंबित होना अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भारत की कामयाबी को सीमित कर देता है.

नेशनल एंटी डोपिंग एजंसी (नाडा) के महानिदेशक मुकुल चटर्जी ने भी स्वीकार किया है कि डोपिंग के बढ़ते मामले चिंता की बात है.

प्रतिबंधित दवाओं का सेवन

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह को हवाले से लिखा है, “सरकार और नाडा आपस में मिलकर देश के अंदर खेल को डोप मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल से जुड़े अन्य संस्थाओं की मदद से कोशिश की जा रही है कि भारत में खेल के वातावरण को साफ सुथरा बनाया जाए.”

वहीं द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है, “भारत के ढेरों एथलीट प्रतिबंधित स्टेरॉयड स्टेनोजोलोल और मिथेनडिनोन के इस्तेमाल के चलते निलंबित किए गए हैं.”

वैसे भारत के अधिकांश समाचार पत्रों में भारत प्रशासित कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह की इस बात के लिए आलोचना की गई है कि वह किश्तवाड़ में जारी सांप्रदायिक हिंसा पर अंकुशलगाने में नाकाम रहे.

किश्तवाड़ में हिंदुओं और मुस्लिम लोगों के बीच शुक्रवार को हुई हिंसामें तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 20 लोग घायल हुए थे. इसके बाद से इलाके में कर्फ़्यू लगाया जा चुका है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक उमर अब्दुल्लाह ने खुफ़िया एजंसियों की चेतावनी को नजरअंदाज़ किया.

अब्दुल्लाह की खिंचाई

वहीं इस द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है, “किश्तवाड़ हिंसा से निपटने के लिए मामले में सरकार ने वही रास्ता चुना है- कर्फ़्य़ू, जानकारी छुपाना और मीडिया पर पाबंदी.”

हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है, “किश्तवाड़ में 1994 और 2008 में भी दंगे हुए थे, इसे देखते हुए राज्य सरकार को कहीं ज़्यादा एहतियात बरतना चाहिए था.”

हालांकि द डेक्कन हेराल्ड ने उमर अब्दुल्लाह की इस बात के लिए प्रशंसा की है कि उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और पी़डीपी नेता महबूबा मुफ्ती को दंगा प्रभावित इलाके में जाने से रोक दिया.

अख़बार ने लिखा है, “राज्य सरकार ने उन्हें किश्तवाड़ जाने से रोक कर अच्छा काम किया है. हालांकि इस फ़ैसले को इस रूप में भी देखा जा सकता है कि उनके संवैधानिक अधिकार को छीना गया है लेकिन संभावित हिंसा को देखते हुए यह एक जरूरी कदम था.”

उम्मीद की किरण

वहीं द हिंदू अख़बार ने लिखा है कि मुस्लिम बहुल इलाके में बिना किसी अवरोध के हिंदू जोड़े की शादी का समारोह संपन्न हुआ है और यही उम्मीद जगाता है.

अख़बार के मुताबिक दूल्हे के परिवार वाले लोगों को दुल्हन के घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 70 मुस्लिम लोग उनके साथ सुरक्षा के घेरे के तौर पर मुस्तैद रहे.

वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले सप्ताह पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद कश्मीर सीमा क्षेत्र पर तनाव बना हुआ है.

भारतीय सेना ने इसके लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया है, जिसके मुताबिक पाकिस्तानी सेना की एक टुकड़ी ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करते हुए पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी.

पाकिस्तानी सेना की ओर से कहा कि उनकी ओर से कोई फ़ायरिंग नहीं हुई थी.

ठुमरी उत्सव

कश्मीर पर दोनों देश अपना हक जताते रहे हैं और बीते साठ सालों से कश्मीर मसले के चलते दोनों देशों के संबंध सहज नहीं रहे हैं.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक सोमवार को पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक दार ने कहा है कि मौजूदा हालात के बाद पाकिस्तान भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशंस का दर्ज़ा नहीं देने जा रहा है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक इस्लामाबाद प्रशासन ने भारत सरकार से पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के दिल्ली और मुंबई स्थित दफ़्तर की सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद करने की अपील है.

और अंत में, भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रशंसकों के लिए एक अच्छी ख़बर ये है कि नई दिल्ली में मंगलवार से तीन दिनों का ठुमरी म्यूज़िकल फेस्टिवल शुरू हो रहा है.

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक इस आयोजन में पंडित छन्नूलाल मिश्रा, पंडित अजय पोहंकर और श्रुति साडोलिकर जैसे फनकार शामिल हो रहे हैं.”

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