अपने बयान पर घिरे एंटनी का स्पष्टीकरण

  • 7 अगस्त 2013
एंटनी
Image caption अपने बयान को लेकर एंटनी ख़ुद को घिरा हुआ पा रहे हैं.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर हमले में पांच भारतीय सैनिकों की मौत पर दिए बयान को लेकर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने स्पष्टीकरण दिया है.

एंटनी के इस बयान पर विवाद हो रहा है कि पाकिस्तानी सेना की पोशाक पहने 20 लोगों ने भारतीय जवानों पर हमला किया था, जबकि सेना के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना के जवानों ने हमला किया.

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विपक्ष का कहना है कि एंटनी ने पाकिस्तानी सेना को क्लीन चिट दे दी है.

एके एंटनी ने राज्यसभा में अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उन्होंने जो बयान दिया वो उपलब्ध जानकारी के मुताबिक था.

माफ़ी की मांग

एंटनी का कहना है कि वो सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह के जम्मू दौरे से लौटने के बाद फिर बयान देंगे.

विपक्ष के हमले झेल रहे एंटनी ने राज्यसभा में ये भी कहा, "देश की संप्रभुता और रक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा."

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि एंटनी को अपने 'ग़लत' बयान के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.

भाजपा के सांसद यशवंत सिन्हा ने एंटनी के बयान को लेकर उनके ख़िलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.

यशवंत सिन्हा ने एंटनी के बयान को 'हास्यास्पद' बताया है.

'राष्ट्रीय सुरक्षा ज़्यादा जरूरी'

Image caption बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से ज़्यादा राष्ट्रीय सुरक्षा महत्वपूर्ण है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से ज़्यादा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा है. 'सरकार पाकिस्तानी सेना को ख़ुश करने के लिए पाकिस्तानी सेना को बरी नहीं कर सकती.'

सुषमा स्वराज ने मांग की कि एंटनी लोकसभा में आकर बयान दें. विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

बयान को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद एंटनी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की.

दूसरी तरफ पाकिस्तान ने ऐसे किसी भी हमले में शामिल होने से इनकार किया है.

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