हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ खाद्य सुरक्षा बिल

  • 7 अगस्त 2013
अनाज
Image caption खाद्य सुरक्षा क़ानून के तहत 67 प्रतिशत भारतीयों को सस्ती दर पर अनाज मिलेगा.

केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को वापस लेकर लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल पेश किया है.

बिल पर अब अगले हफ़्ते चर्चा होगी. दोपहर लगभग तीन बजे नारेबाजी के बीच खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने सदन में खाद्य सुरक्षा बिल पेश किया.

इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने व्हिप जारी कर बिल पेश किए जाने के दौरान सभी सांसदों से सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा था.

वहीं तमलिनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके ने बिल का विरोध कर इसे 'खाद्य असुरक्षा बिल' करार दिया है. पार्टी ने बिल के विरोध में प्रस्ताव सदन में पेश किया.

कांग्रेस के मुख्य सहयोगी दल समाजवादी पार्टी ने भी बिल को किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया है.

सरकार का दावा है कि खाद्य सुरक्षा बिल क़ानून बन गया तो करीब 67 प्रतिशत भारतीयों को सस्ते दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा. खाद्य सुरक्षा बिल पर अब लोकसभा में अगले हफ़्ते चर्चा होगी.

खाद्य सुरक्षा नहीं सीमा सुरक्षा

खाद्य सुरक्षा बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में मंगलवार को दिए गए रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान को लेकर भारी हंगामा हुआ. लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि गृह मंत्री को अपने बयान के लिए देश से माफ़ी माँगनी चाहिए.

सुषमा स्वराज ने कहा, "मैं खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा की बात कर रही हूँ. खाद्य सुरक्षा जितनी जरूरी है उससे ज्यादा जरूरी है सीमा सुरक्षा. खाद्य सुरक्षा बिल संसद में पेश हो गया है और वो पारित भी होगा. भारत के रक्षा मंत्री द्वारा पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना के जवानों की हत्या से दोषमक्त करने का बयान दिया गया है जबकि सेना की ओर से जारी विज्ञप्ति में पाक रेंजरों को जिम्मेदार ठहराया है."

सुषमा स्वराज के बयान और कमलनाथ के जबाव के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.

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