जयपुर: तीन अनाथ मूक-बधिर बच्चियों के साथ दुष्कर्म

  • 18 मई 2013

राजस्थान के जयपुर में सरकारी बालिका गृह की तीन मूक बधिर बालिकाओं के साथ कथित बलात्कार और उत्पीड़न के आरोप में पुलिस ने एक एनजीओ के पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

गिरफ़्तार लोगों में 'आवाज़ फ़ाउंडेशन' की संचालिका और कर्मचारी भी शामिल हैं. घटना का खुलासा तब हुआ जब बालिकाओं ने 15 मई से 17 मई तक हुई काउंसलिंग में आपबीती बयान की.

जैसे ही घटना का भंडाफोड़ हुआ पुलिस ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए इन लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर लिया.

पांच बच्चियां शिकार

जयपुर के पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसफ़ ने बीबीसी को बताया, "अभी तीन बालिकाओं के साथ दुष्कर्म करने और दो के साथ मारपीट की घटना सामने आई है. एनजीओ के पांच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है, अभी मामले की और जाँच की जा रही है."

जोसफ़ का कहना है, "अभी इतना ही कहा जा सकता है कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है."

पुलिस तब हरकत में आई जब बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राम प्रकाश बैरवा ने शुक्रवार दोपहर पुलिस को इस घटना के बारे में इत्तिला दी और कहा कि इस संगठन के दफ्तर में बालिकाओं के साथ यौन दुराचार, मारपीट और ज़्यादती की गई है.

पुलिस के अनुसार जयपुर के बाल गृह में 19 बालिकाएं रहती है. इन्हें समाज कल्याण विभाग की ओर से जयपुर के बाहरी क्षेत्र में आगरा रोड पर चलने वाले एक आवासीय स्कूल में भेजा गया. पुलिस को जानकारी मिली कि वहां 109 छात्र और 19 छात्राएं रखी गई थीं.

पुलिस के मुताबिक इन बालिकाओं को कुछ दिन के लिए स्पीच थेरेपी के लिए एनजीओ आवाज़ फ़ाउंडेशन के केंद्र भेज गया. इसी दौरान फ़ाउंडेशन के लोगों ने बालिकाओं के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट भी की.

जब ये बालिकाएं वापस समाज कल्याण विभाग के बालिका गृह पहुंची तो कुछ की तबियत बिगड़ गई और फिर काउंसलिंग की गई तो इन बालिकाओं ने अपना दर्द बयान किया.

पीड़ित सदमे में

पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि फ़ाउंडेशन कर्मचारी अश्लील हरकतें करने लगे और फिर उनके साथ दुष्कर्म किया. इन बालिकाओं की उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच है. घटना के बाद ये बालिकाएं गुमसुम रहने लगी और सदमे में आ गई.

पुलिस ने जानकारी मिलते ही आज़ाद फ़ाउंडेशन के दफ़्तर पर दबिश दी और मौके पर ही इसकी संचालिका अल्पना दसवानी, वॉर्डन अशोक प्रजापत,लिपिक सुरेश बैरवा,सहायक गीता को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने फ़रार हुए चौकीदार महेश को इस मामले भी हिरासत में ले लिया है.

इन बालिकाओं में कोई मूक है तो कोई बधिर. वे अपने साथ हुई ज्यादती को बयान भी करती. लेकिन अपनी वेदना को वो अल्फाज़ नहीं दे पाती थी.इसीलिए जब काउंसलिंग हुई तो सितम का शिकार हुई इन बालिकाओं ने अपने तरीके से आपबीती बयान की.

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