संजय क्या-क्या ले जाएँगे येरवडा

  • 17 मई 2013
संजय दत्त
Image caption संजय का जीवन उतार चढ़ाव भरा रहा है.

मुंबई की आर्थर रोड जेल में संजय दत्त को भेजे जाने के बाद इस बाद की संभावना जताई जा रही है कि उन्हें पुणे स्थित येरवडा जेल शिफ्ट किया जा सकता है.

जेल में मिलने वाली सुविधाओं के सिलसिले में संजय दत्त के वकील ने अदालत के सामने कुछ मांगें रखी थीं जिनमें ज्यादातर को कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. हालांकि उनकी कुछ मांगों को कोर्ट ने इजाजत नहीं दी.

इस बीच संजय दत्त की पैरवी कर रहे एडवोकेट मर्चेंट ने यह कहा है कि उनकी योजना सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने की है.

जेल में क्या साथ रख सकेंगे ?

अदालत ने इस बॉलीवुड अभिनेता को जेल में अपने साथ दवाइयां, घर का खाना, पंखा, गद्दा और तकिया रखने की इजाजत भी दी. इतना नहीं कोर्ट की इजाजत से संजय भागवत गीता, रामायण और हनुमान चालीसा भी अपने साथ रखेंगे.

निजी इस्तेमाल के सामानों में उन्हें टूथपेस्ट, शैम्पू, चप्पल, कुर्ता पायजामा और मच्छर भगाने के काम आने वाली चीजें रखने की इजाजत दी गई है.

दत्त के वकील ने अदालत से यह भी गुजारिश की कि उनके परिवार वालों को नियमित अंतराल पर उनसे मिलने की इजाजत दी जाए. इन गुजारिशों में दत्त से मुश्किल काम न कराए जाने की अपील भी थी.

क्या रखने की इजाजत नहीं मिली ?

हालांकि टाडा जज जीए सनप ने संजय दत्त की इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट रखने की इजाजत नहीं दी. बताया जाता है कि संजय दत्त बहुत ज्यादा सिगरेट पीने वाले लोगों में से हैं.

ई-सिगरेट के लिए दत्त की गुजारिश पर जज ने उन्हें धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी.

अभिनेता संजय दत्त ने इसके साथ ही उतार-चढ़ाव भरे जीवन के एक और दौर की शुरुआत की है. दोपहर को दक्षिण मुंबई स्थित टाडा कोर्ट में जब वे पहुंचे तो उनके साथ उनकी पत्नी मान्यता और बहन प्रिया दत्त भी थी.

दत्त के अलावा चार अन्य

आत्मसमर्पण की औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद अदालत ने उन्हें आर्थर रोड सेंट्रल जेल दिया. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि संजय को शुक्रवार दोपहर बाद पुणे की येरवडा जेल भेजा जा सकता है.

Image caption लंबी कानूनी लड़ाई के बाद संजय आखिरकार जेल भेज दिए गए.

फिल्मकार महेश भट्ट भी इस मौके पर दत्त परिवार के साथ थे लेकिन वे अदालत नहीं गए.

दत्त के अलावा ईसा मेमन, करसी अदजानिया, युसुफ नलवाला और अल्ताफ शेख ने भी अदालत के सामने जेल की बची हुई अपनी सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण किया.

पुलिस ने दत्त के पाली हिल वाले घर के बाहर कड़ी चौकसी कर रखी थी. यहां सुबह से संजय दत्त के प्रशंसकों ने जमावड़ा लगा रखा था.

धमकी

दत्त को मिली जान से मारने की धमकी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम अदालत परिसर में भी किए गए थे. इससे पहले संजय दत्त ने अदालत से कहा था कि उन्हें कुछ ताकतों ने जान से मारने की धमकी दी है.

मुंबई की ऑर्थर रोड जेल को भी एक अनजानी चिठ्ठी मिली जिसमें लिखा गया था कि संजय दत्त को वहां रखे जाने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है.

अदालत पहुंचने पर संजय दत्त को मीडिया सहित कई लोगों ने इस तरह से घेर लिया कि उनका कार से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. बाद में दत्त की अपील करने पर ही उन्हें रास्ता दिया गया और वे कोर्ट तक पहुंच सके.

साथ में परिवार

नीली जीन्स और सफेद कुर्ते में दोपहर के तकरीबन तीन बजे जब संजय दत्त अपने परिवार वालों के साथ अदालत में दाखिल हुए तो वे साफ तौर पर परेशान दिख रहे थे.

अदालत में जब जज ने संजय को अपना नाम बताने के लिए कहा तो उनका जवाब था, “संजय सुनील दत्त.”

फिर जज ने उनसे पूछा कि गिरफ्तारी के बाद वे कितने दिन की सजा काट चुके हैं. संजय ने मुस्तैदी से कहा, “सर, जेल में 551 दिन.”

इसके बाद जज ने उन्हें अदालत की पिछली कतार में अपनी जगह पर बैठ जाने के लिए कहा. मान्यता और प्रिया संजय के पीछे हो लिए. मान्यता ने पूरे वक्त संजय का हाथ थामे रखा और एक दूसरे को दिलासा देते हुए दिख रहे थे.

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