मायावती ने किया रिटेल एफडीआई का विरोध

 सोमवार, 3 दिसंबर, 2012 को 14:12 IST तक के समाचार
मायावती

वोटिंग के दौरान रुख पर पत्ते नहीं खोले

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले की आलोचना की है.

मायावती ने कहा कि संसद में इसे समर्थन देने या न देने का फैसला, मतदान के वक्त ही किया जाएगा.

मायावती ने कहा, “विदेशी निवेश देश के लिए अहम है लेकिन किस क्षेत्र में इसकी अनुमति दी जा रही है, ये भी महत्वपूर्ण है. अगर विदेशी निवेश से घरेलू बाजार को नुकसान होता है तो हमें देखना होगा.”

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार जहां इसके फायदा गिना रही है, वहीं इसके आलोचक इससे देश में हर स्तर पर नुकसान होने की बात कर रहे हैं. ऐसे में उनकी पार्टी ‘नफा-नुकसान’ का जायजा लिए बिना जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी.

"विदेशी निवेश देश के लिए अहम है लेकिन किस क्षेत्र में इसकी अनुमति दी जा रही है, ये भी महत्वपूर्ण है. अगर विदेशी निवेश से घरेलू बाजार को नुकसान होता है तो हमें देखना होगा."

मायावती, बीएसपी अध्यक्ष

मायावती ने सरकार से मांग की कि इस बारे में गहन समीक्षा की जाए.

मतदान के वक्त ही फैसला

उन्होंने कहा कि खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश की नीति को लेकर एक अच्छी बात यही है कि इसे किसी भी राज्य में जबरन थोपा नहीं जाएगा.

बीएसपी मुखिया ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष और खास कर भारतीय जनता पार्टी के साथ सहयोग करना है या नहीं, इस बारे में भी उनकी पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है.

मायावती ने कहा, “विदेशी किराना के मुद्दे पर संसद में मतदान होने की स्थिति में तभी इस बारे में सही व उचित निर्णय लिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि बीएसपी अपने रुख को संसद में ही उजागर करेगी.

मायावती ने अपनी विरोधी समाजवादी पार्टी पर तंज भी कसा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनकी पार्टी के फैसले के पीछे पीछे चलती है.

बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी, दोनों ही केंद्र की यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं और एफडीआई के मुद्दे पर उनका समर्थन सरकार के लिए खासा अहम है.

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