सिर्फ़ अमिताभ, ऋषि नहीं हममें भी दम है: ओम पुरी

  • 17 मई 2013
ओम पुरी मानते हैं कि पैसे कमाने की ख़ातिर उन्हें मजबूरी में कुछ 'अर्थहीन' रोल करने पड़े.

"भले ही चरित्र किरदारों के लिए निर्माताओं की पहली पसंद अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर हों, लेकिन दम तो हम में भी कम नहीं है."

ये कहना है अभिनेता ओम पुरी का. बीबीसी से ख़ास बात करते हुए ओम पुरी मानते हैं कि व्यावसायिक फ़िल्म के निर्माता भी पैसा कमाना चाहते हैं शायद इस वजह से वो कैरेक्टर रोल के लिए भी स्टार्स को ही लेना चाहते हैं.

ओम पुरी कहते हैं, "मैं और नसीरुद्दीन शाह स्टार नहीं हैं. ये मैं मानता हूं. बच्चन और ऋषि कपूर स्टार हैं. लेकिन मुझमें, नसीर में, अनुपम खेर में और परेश रावल में भी बहुत क़ाबिलियत है. हमें कम करके नहीं आंकना चाहिए."

मैं और नसीर सबसे शिक्षित

ओम पुरी कहते हैं, "मैं और नसीरुद्दीन शाह फिल्म इंडस्ट्री के सबसे क्वालीफ़ाइड एक्टर्स हैं. हमें नाच-गाना भले ही नहीं आता लेकिन हमने अभिनय की गंभीर विधिवत शिक्षा ली है."

वैसे ओम पुरी अमिताभ की सराहना करते भी नहीं थकते.

वो कहते हैं, "70 साल की उम्र में भी वो ज़बरदस्त ऊर्जा से काम कर रहे हैं. जो आज के मेनस्ट्रीम कलाकार हैं अगर कल को उन्हें बुढ़ापे में भी मज़बूत रोल मिलते हैं तो वो सिर्फ बच्चन जी की वजह से मुमकिन होगा."

समझौता

ओम पुरी मानते हैं कि 'दबंग' समेत कई व्यावसायिक सिनेमा में 'अर्थहीन किरदार' निभाना उनकी मजबूरी थी. क्योंकि उन्हें पैसे भी कमाने थे.

(भारतीय सिनेमा के 100 साल पर विशेष)

"अगर मैं सिर्फ़ आर्ट फ़िल्में ही करता रहता तो शायद मेरे पास घर नहीं होता. मेरे बदन पर कपड़े नहीं होते. स्पर्श में मुझे पांच सौ रुपए मिले. आक्रोश में सिर्फ नौ हज़ार रुपए मिले. लेकिन फिर भी मैंने अपने आपको आर्ट फिल्मों के लिए कभी मना नहीं किया. व्यावसायिक सिनेमा मेरे लिए समझौता रहा."

ओम पुरी की आने वाली फ़िल्म है जय जवान जय किसान. फ़िल्म में वो भारत के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का रोल कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार